कृषि एवं पर्यावरण
उजड़ती खेती, उजड़ते गाँव
Ujarti Kheti, Ujarte Gaon
घाटे का सौदा बनती भारतीय कृषि, पलायन का दंश झेलते गाँव और किसान की बेबसी के पीछे छिपे नीतिगत कारणों की ज़मीनी पड़ताल।
Amazon पर खरीदें(Amazon नए टैब में खुलेगा)आज़ाद कलम साहित्य
धरती चुप है
Dharti Chup Hai
प्रकृति के अंधाधुंध दोहन, जलवायु संकट और पर्यावरणीय विनाश के बीच मनुष्य की संवेदनहीनता पर एक गंभीर चेतावनी।
| आवरण पर लेखक | एन. सिंह (N. Singh) |
|---|---|
| श्रेणी | पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी |
| प्रारूप | पेपरबैक |
प्रकृति के अंधाधुंध दोहन और जलवायु संकट के बीच धरती चुप है—पर क्या हम उसकी चुप्पी सुन पा रहे हैं? यह पुस्तक पर्यावरणीय विनाश और मनुष्य की संवेदनहीनता पर एक गंभीर चेतावनी है।
Ujarti Kheti, Ujarte Gaon
घाटे का सौदा बनती भारतीय कृषि, पलायन का दंश झेलते गाँव और किसान की बेबसी के पीछे छिपे नीतिगत कारणों की ज़मीनी पड़ताल।
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