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Azaad Kalamसवाल • विचार • संवाद
कृषि एवं पर्यावरण

धरती चुप है

Dharti Chup Hai

प्रकृति के अंधाधुंध दोहन, जलवायु संकट और पर्यावरणीय विनाश के बीच मनुष्य की संवेदनहीनता पर एक गंभीर चेतावनी।

पुस्तक विवरण
आवरण पर लेखकएन. सिंह (N. Singh)
श्रेणीपर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
प्रारूपपेपरबैक

पुस्तक के बारे में

प्रकृति के अंधाधुंध दोहन और जलवायु संकट के बीच धरती चुप है—पर क्या हम उसकी चुप्पी सुन पा रहे हैं? यह पुस्तक पर्यावरणीय विनाश और मनुष्य की संवेदनहीनता पर एक गंभीर चेतावनी है।

प्रमुख विषय

  • प्राकृतिक संसाधनों का दोहन
  • जलवायु संकट और ग्रामीण भारत
  • विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन