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अनोखा भारत
(भारत का अवसरवादी लोकतंत्र, विनाशकारी घटकों का उदय)
Anokha Bharat
विविधताओं से भरे भारत के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विरोधाभासों को उजागर करती एक विचारोत्तेजक पुस्तक।
| आवरण पर लेखक | विमला सिंह एवं एन. सिंह |
|---|---|
| प्रकाशक | BFC Publications, Lucknow |
| श्रेणी | सामाजिक विरोधाभास एवं विमर्श |
| प्रारूप | पेपरबैक |
पुस्तक के बारे में
‘पवित्रता’ लोकतंत्र की आत्मा है और अनुशासन उसका शरीर।
यह पुस्तक भारत के अवसरवादी लोकतंत्र की पड़ताल करती है—जहाँ सांप्रदायिकता, धर्म-निरपेक्षता, आरक्षण, भाषा विवाद, जातिवाद और क्षेत्रवाद को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए ज़िंदा रखा जाता है, ताकि वोट बैंक बिखरे नहीं।
प्रमुख विषय
- सांप्रदायिकता और धर्म-निरपेक्षता का राजनीतिक उपयोग
- आरक्षण, भाषा, जाति और क्षेत्रवाद की राजनीति
- जनसंख्या, संसाधन और भागीदारी के प्रश्न
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