प्रशंसा-पत्र
भारतीय किसान यूनियन
“आपका यह प्रयास किसानों में नयी ऊर्जा प्रदान करेगा।”
— चौ. राकेश टिकैतराष्ट्रीय प्रवक्ता
आज़ाद कलम साहित्य
उजड़ती खेती, उजड़ते गाँव
Ujarti Kheti, Ujarte Gaon
घाटे का सौदा बनती भारतीय कृषि, पलायन का दंश झेलते गाँव और किसान की बेबसी के पीछे छिपे नीतिगत कारणों की ज़मीनी पड़ताल।
1 पत्र प्राप्त हुए| आवरण पर लेखक | एन. सिंह (N. Singh) |
|---|---|
| श्रेणी | कृषि संकट एवं ग्रामीण भारत |
| प्रारूप | पेपरबैक |
भारतीय खेती आज घाटे का सौदा क्यों बन गई है? गाँव ख़ाली क्यों हो रहे हैं? यह पुस्तक किसान की बेबसी के पीछे छिपे नीतिगत कारणों की ज़मीनी पड़ताल करती है।
‘उजड़ती खेती, उजड़ते गाँव’ के बारे में संस्थानों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों से प्राप्त पत्र। लेखक के अनुरोध पर उनका निजी पता धुंधला कर दिया गया है।
प्रशंसा-पत्र
“आपका यह प्रयास किसानों में नयी ऊर्जा प्रदान करेगा।”
— चौ. राकेश टिकैतराष्ट्रीय प्रवक्ता
Dharti Chup Hai
प्रकृति के अंधाधुंध दोहन, जलवायु संकट और पर्यावरणीय विनाश के बीच मनुष्य की संवेदनहीनता पर एक गंभीर चेतावनी।
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